Hindi Murli Quiz 17-05-2014

10 Questions | Total Attempts: 138

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Hindi Murli Quiz 17-05-2014

ये क्विज आज की मुरली पर आधारित है| मुरली सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें| पुरानी क्विज के लिए यहाँ क्लिक करें


Questions and Answers
  • 1. 
    बच्चों को पुरुषार्थ इतना करना है जो अन्त में बाप की ही याद हो और ______ चक्र भी याद हो, तब प्राण तन से निकलें
    • A. 

      श्रृष्टि

    • B. 

      स्वदर्शन

    • C. 

      चक्रवर्ती

    • D. 

      ८४ जन्मों

  • 2. 
    अपनी पूरी जांच करो – हम कहाँ ________ में तो नहीं आते हैं? हमसे कोई विकर्म तो नहीं होता है? बेकायदे चलन तो नहीं होती है?
    • A. 

      नाम रूप

    • B. 

      शरीर

    • C. 

      देह-अभिमान

    • D. 

      विकार

  • 3. 
    बाप समझाते हैं – बच्चे, अभी तो तुम्हें वापिस जाना है | यह पुरानी दुनिया है | ड्रामा में यह भी मेरा पार्ट है | पुरानी दुनिया को नया बनाना, यह भी तुम समझते हो |
    • A. 

      सही

    • B. 

      गलत

  • 4. 
    कड़े ते कड़ी बीमारी है किसी के ________ में फँसना, अन्तर्मुखी बन इस बीमारी की जांच करो और इससे मुक्त बनो |
    • A. 

      नाम

    • B. 

      देह

    • C. 

      देहभिमान

    • D. 

      नाम रूप

  • 5. 
    असमर्थ आत्माओं को समर्थी दो तो उनकी ____ मिलेंगी |
    • A. 

      प्यार

    • B. 

      सेवा

    • C. 

      दुआयें

    • D. 

      आशीर्वाद

  • 6. 
    नाम-रूप की बीमारी को समाप्त करने की युक्ति क्या है? इससे नुकसान कौन-कौन से होते हैं?
    • A. 

      एक बाप से सच्चा-सच्चा लव रखो

    • B. 

      याद के समय बुद्धि भटकती है, देहधारी में जाती है तो बाप को सच-सच सुनाओ | सच बताने से बाप क्षमा कर देंगे |

    • C. 

      अन्तर्मुखी बन इस बीमारी की जांच करो और इससे मुक्त बनो |

    • D. 

      बुद्धि किसी के नाम रूप में लटकी हुई है तो बाप से बुद्धि जुट नहीं सकती | वह सर्विस के बजाए डिससर्विस करते हैं | बाप की निंदा कराते हैं | ऐसे निंदक बहुत कड़ी सजा के भागी बनते हैं |

  • 7. 
    आज के सार से :-
    • A. 

      अपनी वृत्ति को बहुत शुद्ध, पवित्र बनाना है | कोई भी बेकायदे उल्टा काम नहीं करना है | बहुत-बहुत ख़बरदार रहना है | बुद्धि कहाँ पर भी लटकानी नहीं है

    • B. 

      अन्तर्मुखी बन इस बीमारी की जांच करो और इससे मुक्त बनो |

    • C. 

      सच्चा प्यार एक बाप में रखना है, बाकी सबसे अनासक्त, नाम मात्र प्यार हो | आत्म-अभिमानी स्टेज ऐसी बनानी है जो शरीर में भी लगाव न रहे

    • D. 

      अगर स्वयं सन्तुष्ट हो तो खर्चा सफ़ल हुआ | श्रीमत प्रमाण कार्य किया, तो श्रीमत को मानना यह भी सफ़लतामूर्त बनना है

  • 8. 
    बाप की मत मिली फिर _____ जन्म मत मिलने की दरकार ही नहीं रहती है
    • A. 

      63

    • B. 

      1

    • C. 

      84

    • D. 

      21

  • 9. 
    आज के वरदान से
    • A. 

      कोई भी सेवा करो, कोई जिज्ञासु आवे या नहीं लेकिन स्वयं, स्वयं से सन्तुष्ट रहो | निश्चय रखो कि अगर मैं सन्तुष्ट हूँ तो मैसेज काम ज़रूर करेगा

    • B. 

      सच्चा प्यार एक बाप में रखना है, बाकी सबसे अनासक्त, नाम मात्र प्यार हो | आत्म-अभिमानी स्टेज ऐसी बनानी है जो शरीर में भी लगाव न रहे |

    • C. 

      स्टूडेन्ट नहीं बढ़े कोई हर्जा नहीं, आपके हिसाब-किताब में तो जमा हो गया और उन्हों को सन्देश मिल गया |

    • D. 

      श्रीमत प्रमाण कार्य किया, तो श्रीमत को मानना यह भी सफ़लतामूर्त बनना है

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