Hindi Murli Quiz 17-05-2015

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Hindi Murli Quiz 17-05-2015

यह क्विज आज की मुरली पर आधारित है |


Questions and Answers
  • 1. 
    "जैसे बाप के संकल्प में, बोल में, कर्म में, नयनों में वा मस्तक में सदा ही कल्याण की भावना व शुभ कामना भरी हुई है, ऐसे आप बच्चे भी चाहे कोई भी काम कर रहे हो, हद की प्रवृत्ति को चलाने अर्थ या कोई भी सेवाकेन्द्र चलाने अर्थ निमित्त हो लेकिन सदा विश्व-कल्याण की भावना हो। सदा सामने विश्व की सर्व आत्मायें इमर्ज हों। यहाँ बैठे भी चाहे कितनी भी दूर रहने वाली आत्मा हो, सेकेण्ड में उस आत्मा को अपनी श्रेष्ठ भावना व श्रेष्ठ कामना के आधार से शान्ति व शक्ति की किरणें दे सको I"
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 2. 
    बाप के संकल्प में, बोल में, कर्म में, नयनों में वा मस्तक में सदा ही कल्याण की भावना व शुभ कामना भरी हुई है,कैसे ? इसे निम्नलिखित पॉइंट्स को चयन करके स्पष्ट करें ----  
    • A. 

      बाप का सदा एक ही संकल्प है कि सर्व का कल्याण अभी-अभी हो जाए।

    • B. 

      बाप के बोल में सदा बच्चों के कल्याण की भिन्न-भिन्न प्रकार की युक्तियाँ हैं।

    • C. 

      नयनों में बच्चों के कल्याण के प्रति सर्चलाइट है।

    • D. 

      मस्तक में कल्याणकारी बच्चों की यादगार मणि के रूप में है।

    • E. 

      हर कर्म में कल्याणकारी कर्म हैं।

  • 3. 
    "जैसे प्लेन द्वारा थोड़े समय में कहाँ से कहाँ पहुँच सकते हो। टेलीफोन द्वारा लण्डन के व्यक्ति का आवाज भी ऐसे सुनाई देगा जैसे सम्मुख बात कर रहे हैं। ऐसे ही टेलीवीजन के साधनों द्वारा कोई भी दृश्य वा व्यक्ति दूर होते हुए भी सम्मुख अनुभव होता है। यह सब साइन्स के साधन हैं जो मन का आवाज नहीं पहुँचा सकते । परन्तु साइलेन्स की शक्ति से दूर रहने वाली आत्मा के मन का आवाज भी सुनाई देगा I  आत्माओं के मन में अशान्ति, दु:ख की स्थिति के चित्र भी टी.वी.की तरह स्पष्ट दिखाई देंगे । जैसे इन साधनों का कनेक्शन जोड़ा, स्विच ऑन किया, ऐसे ही बाप से कनेक्शन जोड़ा, श्रेष्ठ भावना और कामना का स्विच ऑन किया तो दूर की आत्माओं को भी समीप अनुभव करेंगे I इसको कहा जाता है विश्व- कल्याणकारी।"
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 4. 
    "विश्व- कल्याणकारी वाली स्थिति को बनाने के लिए --------------जमा करो। इसके लिए आत्मा निर्बन्धन अर्थात स्वतन्त्र हो। व्यर्थ संकल्पों को समाप्त कर एक समर्थ संकल्प में रहो। संकल्पों के विस्तार को समेट कर सार रूप में लाओ तब --------------स्वत: ही बढ़ती जायेगी।"[निम्नलिखित विकल्पों में से एक सबसे सटीक शब्द से दोनों रिक्त स्थान भरें ]
    • A. 

      साइलेन्स की शक्ति

    • B. 

      बेहद की वृति

    • C. 

      सहयोग-शक्ति

    • D. 

      समेटने की शक्ति

  • 5. 
    बापदादा बोले : बच्चे अन्त में आप सब विशेष विश्व- कल्याणकारी आत्माओं का विचित्र पार्ट चलना है। आत्माएं तुम्हारी साइलेन्स की शक्ति के विचित्र प्रमाण देखेंगी । साइलेन्स की शक्ति रूहानी रंगत दिखायेगी। इस विषय पर बापदादा के कुछ महावाक्य चयन करें- - 
    • A. 

      दूर की आत्मायें आपके सामने आकर कहेंगी कि आपने मुझे सही रास्ता दिखाया।

    • B. 

      आत्मायें बतायेंगी कि आपने मुझे ठिकाने का इशारा दिया।

    • C. 

      आपने मुझे बुलाया और मैं पहुँच गया।

    • D. 

      आपके दिव्य स्वरूप उनके मस्तक रूपी टी.वी. में स्पष्ट दिखाई देंगे I

    • E. 

      वे आत्माएं अनुभव करेंगे कि आपसे यह सम्मुख मिलन था।

  • 6. 
    टीचर्स के विषय में बापदादा के महावाक्य व टीचर्स के प्रति बापदादा की डायरेक्शन को चयन करके स्पष्ट करें-– 
    • A. 

      टीचर्स को महान बनने के साधन जैसे वातावरण, संग, शुद्ध भोजन, सेवा, सम्पर्क और सम्बन्ध मिले हुये हैं I

    • B. 

      जो प्रवृत्ति में रहते हैं उनको रहते हुए न्यारा रहना पड़ता है लेकिन टीचर तो हैं ही न्यारी। न्यारा रहने का अभ्यास करने की जरूरत नहीं।

    • C. 

      टीचर अगर सारा समय अपने को बिजी रखें तो कभी भी मुश्किल न हो।

    • D. 

      बिजी रखने के लिए पढ़ाई की तरफ अटेन्शन हो, पढ़ाई से दिल की प्रीत होनी चाहिए I

    • E. 

      सदा बिजी रहकर स्वयं भी विघ्न-विनाशक और दूसरों को भी विघ्न-विनाशक बनाओ।

    • F. 

      बिजी रखने के लिए प्लानिंग बुद्धि बनो। पहले स्वयं का प्लान फिर सेवा का प्लान ।

    • G. 

      ऐसा अविनाशी संगठन बनाओ जो कोई भी कम्पलेन्ट न रहे। वृद्धि बहुत कर रहे हो सिर्फ विघ्न-विनाशक बनो और बनाओ।

  • 7. 
    सभी सही वाक्यों का चयन करें --- 
    • A. 

      ​बाप से वर्सा मिला, टीचर के सम्बन्ध से पढ़ाई मिली और सतगुरू के सम्बन्ध से घर का रास्ता मिला और साथ चलेंगे।

    • B. 

      हम इतनी श्रेष्ठ आत्मायें हैं जो स्वयं परमात्मा बाप, शिक्षक और सतगुरू बने हैं। इससे बड़ा भाग्य और किसी का हो नही सकता है I

    • C. 

      कहते हैं भगवान राजी होते हैं तो छप्पर फाड़ कर देते हैं। बाबा तो आकाश के पार रहने वाले 5 तत्वों को भी पार करके प्राप्ति करा रहे हैं I

    • D. 

      क्रोध आने की दो बातें होती हैं एक जब कोई झूठी बात कहता है, दूसरा ग्लानि करता है। परन्तु ऐसी परिस्थिति में भी क्रोध न आये I

    • E. 

      अपकारी के ऊपर उपकार करना, यही ब्राह्मणों का कर्म है। वह गाली दे आप गले लगाओ, इसको कहा जाता है परिवर्तन।

  • 8. 
    " जैसे राजा स्वयं कार्य नहीं करता, राज्य कारोबारियों से कराता है, ऐसे आत्मा भी करावनहार है I करनहार ये विशेष त्रिमूर्ति शक्तियां हैं (मन, बुद्धि और संस्कार) जो आप मास्टर रचता की रचना हैं।। तो मास्टर रचयिता के वरदान को स्मृति में रख त्रिमूर्ति शक्तियों को और साकार कर्मेन्द्रियों को सही रास्ते पर चलाना है ।"
    • A. 

      True

    • B. 

      False

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