Hindi Murli Quiz 28-02-2017

8 Questions | Total Attempts: 206

SettingsSettingsSettings
Please wait...
Hindi Murli Quiz 28-02-2017

यह क्विज मुरली रिवाईज़ करने के लिए है I 


Questions and Answers
  • 1. 
    Q. “बाप आये हैं -----------को सनाथ बनाने, सबको दु:खों से छुड़ाकर सुखधाम में ले जाने''निम्नलिखित विकल्पों में से एक सबसे उपयुक्त शब्द से उपरोक्त रिक्त स्थान भरें I 
    • A. 

      अनाथों

    • B. 

      दुखियों

    • C. 

      पतितों

    • D. 

      गरीबों

  • 2. 
    Q. “ कल्प-कल्प बाप अपने बच्चों को धैर्य देते हैं कि बच्चे, तुम बेफिकर रहो I  विश्व में शान्ति स्थापन करना, सर्व को दु:खों से छुड़ाना मेरा काम है। मैं ही आया हूँ तुम बच्चों को इस रावण राज्य से छुड़ाकर रामराज्य में ले चलने। तुम बच्चों को वापिस ले जाना मेरा ही फर्ज है।“ 
    • A. 

      सही

    • B. 

      गलत

  • 3. 
    Q. केवल सही वाक्य ही चयन करें ---- 
    • A. 

      धर्म मुख्य हैं तीन, सबसे पहले है देवी-देवता धर्म।

    • B. 

      पहले पवित्र थे, अभी अपवित्र हैं। आधाकल्प रामराज्य है, आधाकल्प रावण राज्य है।

    • C. 

      यह ईश्वरीय फैमली है। दादा (ग्रैण्ड फादर) है शिवबाबा। प्रजापिता ब्रह्मा है बाबा।

    • D. 

      आत्मा निर्लेप नही होती। आत्मा में ही संस्कार हैं, जिस अनुसार जन्म लेती है।

  • 4. 
    Q. धारणा के लिए मुख्य पॉइंट्स चयन करें ---- 
    • A. 

      जो नॉलेज मिली है वह दूसरों को देनी है।

    • B. 

      बाप समान नॉलेज में फुल बन करके बेहद सुख लेने के लिए पूरा पुरूषार्थ करना है।

    • C. 

      लाइट हाउस बनना है।

    • D. 

      एक आंख में शान्तिधाम, दूसरी आंख में सुखधाम फिरता रहे। इस दु:खधाम को देखते हुए भी नहीं देखना है।

  • 5. 
    Q. “कोई भी कार्य करो तो स्वयं करने में भी बड़ी दिल और दूसरों को सहयोगी बनाने में भी बड़ी दिल हो। स्वयं प्रति वा साथी सहयोगी आत्माओं प्रति संकुचित दिल नहीं रखो। बड़ी दिल रखने से मिट्टी भी सोना हो जाती है, कमजोर साथी भी शक्तिशाली बन जाते हैं, असम्भव सफलता सम्भव हो जाती है। इसके लिए मैं-मैं की बलि चढ़ा दो तो बड़ी दिल वाले विश्व कल्याणकारी बन जायेंगे।“ 
    • A. 

      गलत

    • B. 

      सही

  • 6. 
    Q. निम्नलिखित रिक्त स्थान भरें ----“कारण को --------------में परिवर्तन करना ही शुभ-चिंतक बनना है।“ 
Back to Top Back to top