Hindi Murli Quiz 20-09-2015

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Hindi Murli Quiz 20-09-2015

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Questions and Answers
  • 1. 
    -Q. बापदादा हरेक बच्चे का डबल स्वरूप देख रहे हैं, उन दो स्वरूप का चयन करें --- 
    • A. 

      पुरुषार्थी स्वरूप,

    • B. 

      देवता स्वरूप

    • C. 

      सम्पूर्ण फरिश्ता स्वरूप

    • D. 

      भक्त स्वरूप

  • 2. 
    Q. “इस समय “हम सो, सो हम” के मन्त्र में पहले हम सो फरिश्ता स्वरूप हैं फिर भविष्य में हम सो -----------रूप है।”निम्नलिखित विकल्पों में से एक सबसे उपयुक्त शब्द से उपरोक्त रिक्त स्थान भरें --- 
    • A. 

      देवता

    • B. 

      सम्पूर्ण-फ़रिश्ता

    • C. 

      सर्वगुण-सम्पन्न

    • D. 

      सतोप्रधान

  • 3. 
    Q. आज वतन में सभी बच्चों के नम्बरवार पुरूषार्थ अनुसार, जो अन्तिम फरिश्ता स्वरूप बनना है, उस रूप को बापदादा ने इमर्ज किया और देखा कि फरिश्ता रूप की लाइट के शेड में अन्तर था- कोई विशेष चमकता हुआ रूप था, कोई मध्यम प्रकाश रूप था, लेकिन विशेष अन्तर क्या देखा, उसको चयन करें – 
    • A. 

      .किसी की मस्तक के बीच चमकती हुई आत्मा की चमक और लाइट फैली हुई ज्यादा थी।

    • B. 

      किसी की चमकती हुई लाइट थी लेकिन फैली हुई नहीं थी।

    • C. 

      किसी की लाइट ही कम थी।

    • D. 

      पुरुषार्थी और सम्पूर्णता दोनों की समानता का अन्तर भी ज्यादा दिखाई दिया।

    • E. 

      जैसे विज्ञान के यन्त्र की स्पीड तेज है वैसे समानता के पुरूषार्थ की स्पीड उससे कम थी।

  • 4. 
    Q. “स्व-चिन्तन अर्थात् मनन शक्ति और शुभ चिन्तक अर्थात् सेवा की शक्ति। वाचा की सेवा के पहले शुभचिन्तक भावना से धरती को तैयार करो, तब वाचा की सेवा का फल निकलेगा । शुभचिन्तक की भावना आत्माओं की ग्रहण शक्ति वा जिज्ञासा  बढ़ाती है। स्व के प्रति स्व-चिन्तन वाला सदा माया प्रूफ, किसी की भी कमजोरियों को ग्रहण करने से प्रूफ होगा। इसलिए शुभ-चिन्तक और स्व- चिन्तक बनो।”
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 5. 
    Q. अन्तिम फरिश्ता रूप इमर्ज करने के बाद बाप-दादा की रिजल्ट के ऊपर रूह-रूहान चली कि सभी बच्चे नॉलेजफुल के साथ त्रिकालदर्शा भी हैं। समझने और समझाने में बहुत होशियार हैं। बाप को फालो करने में भी होशियार है। फिर भी पुरुषार्थी और सम्पूर्णता दोनों में इतना अन्तर क्यों है ! इसके सही कारण मुरली के अनुसार बहुत ध्यान से चयन करें--- 
    • A. 

      बच्चों की ग्रहण करने की शक्ति बहुत तेज है परन्तु गुणग्राहक शब्द भूल जाता है I

    • B. 

      गुणग्राहक शब्द भूलने के कारण अच्छाई के साथ कमजोरियाँ भी साथ में ग्रहण कर लेते हैं।

    • C. 

      अपनी गलती को दूसरे पर डालने में होशियार हैं, लेकिन स्वयं को बदलने में कम।

    • D. 

      स्व के प्रति स्व-चिन्तक और औरों के प्रति शुभ-चिन्तक नही बने हैं ।

  • 6. 
    Q. “ नम्बरवन हैं 8 रत्न और सेकेण्ड हैं 100, थर्ड हैं 16 हजार। नम्बर वन आने का सहज साधन है - जो नम्बरवन ब्रह्मा बाप है, उसी वन को देखो। आपका सम्पूर्ण स्वरूप सफलता की माला लेकर आप पुरूषार्थियों के गले में डालने के लिए नजदीक आ रहा है। अन्तर को मिटा दो तो हम सो फरिश्ते से हम सो देवता बनकर, नई दुनिया में अवतरित होंगे।  इसलिये सम्पूर्ण फरिश्ता अर्थात् साकार बाप को फालो करना है ।"
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 7. 
    Q.सेवाओं के लिए बापदादा ने जो विशेष प्रेरणायें दीं उनमे कुछ बातें चयन करें -- 
    • A. 

      .प्रत्यक्ष करने का समय सपीप आ रहा है। इसलिये कोई नवीनता दिखाओ I

    • B. 

      शिवरात्री के दिन दो चित्रों को विशेष सजाओ - एक निराकार शिव का दूसरा श्रीकृष्ण का।

    • C. 

      बाप की महिमा सुनाते हुए सबको अनुभव कराओ।

    • D. 

      आत्माओं को सम्पर्क में लाने के लिए हर प्रोग्राम में योग शिविर को विशेष महत्व दो।

    • E. 

      जो कोई विघ्नों अथवा कमजोरियों के कारण चले गये हैं, उनको स्नेह से आगे बढ़ाओ ।

  • 8. 
    Q. “नया श्रेष्ठ विश्व बनने की भावी अटल होते हुए भी समर्थ भव के वरदानी बच्चे सिर्फ कर्म और फल के, पुरूषार्थ और प्रालब्ध के, निमित्त और निर्माण की कर्म-फिलॉसाफी अनुसार निमित्त बन कार्य करते हैं। दुनिया वालों को उम्मींद नहीं दिखाई देती और आप कहते हो यह कार्य अनेक बार हुआ है, अभी भी हुआ ही पड़ा है क्योंकि स्व परिवर्तन के प्रत्यक्ष प्रमाण के आगे और कोई प्रमाण की आवश्यकता ही नहीं। साथ-साथ परमात्म कार्य सदा सफल है ही।”
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 9. 
    -Q. निम्नलिखित रिक्त स्थान उपयुक्त शब्द से भरें-----  “कहना कम, ----------ज्यादा-यह श्रेष्ठ लक्ष्य महान बना देगा।” 
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