Hindi Murli Quiz 15-04-2015

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Hindi Murli Quiz 15-04-2015

ये क्विज आज की मुरली पर आधारित है| मुरली सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें| पुरानी क्विज  के लिए यहाँ क्लिक करें |


Questions and Answers
  • 1. 
    जांच करनी चाहिए -  (उत्तर एक या एक से ज्यादा भी हो सकते हैं)
    • A. 

      हमारा खान पान ऐसा तो नहीं?

    • B. 

      लोभी तो नहीं हैं?

    • C. 

      हम क्या सर्विस करते हैं?

    • D. 

      कितने को आप समान नर से नारायण बनाते हैं?

    • E. 

      माया उल्टा काम तो नहीं कराती है?

  • 2. 
    आज के गीत का चयन करें -  
    • A. 

      इस पाप की दुनिया से........

    • B. 

      हमारे तीर्थ न्यारे हैं ........

    • C. 

      भोलेनाथ से निराला ..........

    • D. 

      जाग सजनिया जाग .........

    • E. 

      तुम्हें पाकर हमनें जहाँ .........

  • 3. 
    बच्चों ने यह भक्तों का गीत सुना। अभी तुम ऐसे अर्थ सहित कहते हो। तुम जानते हो हमको ऊंच ते ऊंच बाप मिला है, वह एक ही ऊंच ते ऊंच है।   
    • A. 

      True / ये वाक्य सही है

    • B. 

      False / ये वाक्य गलत है

  • 4. 
    एक चीज़ के 10 नाम रखने से मनुष्य मुँझे हुए हैं, जिसको जो आया नाम रख दिया। यहाँ बाबा किसके नाम की बात कर रहे हैं ?  
    • A. 

      ब्रह्मा

    • B. 

      शंकर

    • C. 

      शिवबाबा

    • D. 

      स्वर्ग

    • E. 

      विष्णु

    • F. 

      नारायण

  • 5. 
    रोज़ अमृतवेले सर्व सम्बन्धों का सुख बापदादा से लेकर औरों को दान करो। सर्व सुखों के अधिकारी बन औरों को भी बनाओ। कोई भी काम है उसमें साकार साथी याद न आये, पहले बाप की याद आये क्योंकि सच्चा मित्र बाप है। सच्चे साथी का साथ लेंगे तो सहज ही सर्व से न्यारे और प्यारे बन जायेंगे। जो सर्व सम्बन्धों से हर कार्य में एक बाप को याद करते हैं वह सहज ही निर्मोही बन जाते हैं। उनका किसी भी तरफ लगाव अर्थात् झुकाव नहीं रहता इसलिए माया से हार भी नहीं हो सकती है।  
    • A. 

      True / ये वाक्य सही है

    • B. 

      False / ये वाक्य गलत है

  • 6. 
    माया को देखने वा जानने के लिए त्रिकालदर्शी और त्रिलोकीनाथ बनो तब विजयी बनेंगे।  
    • A. 

      True / ये वाक्य सही है

    • B. 

      False / ये वाक्य गलत है

  • 7. 
    ज्ञान मार्ग में कौन रोगी कहलाते हैं ?  
    • A. 

      जो आप समान बनाने की सेवा नहीं कर सकते हैं, तेरे मेरे की चिंताओं में रहते हैं |

    • B. 

      जिनकी कुदृष्टि है , देही अभिमानी हो नहीं देखते हैं |

    • C. 

      जिनको बहुत क्रोध आता है , लूनपानी होने के संस्कार हैं |

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