Hindi Murli Quiz 10-05-2015

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Hindi Murli Quiz 10-05-2015

ये क्विज आज की मुरली पर आधारित है| मुरली सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें| पुरानी क्विज  के लिए यहाँ क्लिक करें |


Questions and Answers
  • 1. 
    "चाहे नम्बरवार पुरूषार्था हैं फिर भी लास्ट बच्चा भी दुनिया के आगे गायन योग्य और पूज्यनीय है। इसलिए बाप-दादा को ------------की माला के लास्ट दाने पर भी नाज है।"[निम्नलिखित विकल्पों में से एक सबसे सटीक उत्तर से रिक्त स्थान भरें ]
    • A. 

      16 हजार

    • B. 

      108

    • C. 

      रूद्र

    • D. 

      विष्णु

  • 2. 
    मुरली के अनुसार स्वमान में स्थित आत्मा के लक्षणों का चयन करें – 
    • A. 

      वह सदा निर्माण होता है। जितना बड़ा स्वमान, उतना ही `हाँ जी' में निर्माण।.

    • B. 

      स्वमान वाला सबको मान देने वाला दाता होता है।

    • C. 

      स्वयं सम्पन्न होने के कारण सदा दाता अथवा रहमदिल होंगे।

    • D. 

      कभी किसी भी आत्मा के प्रति संकल्प मात्र भी रोब में नहीं आयेंगे।

    • E. 

      स्वमान वाला सभी को मान देगा, मान देकर ऊपर उठायेगा।

    • F. 

      स्वमानधारी पुण्य आत्मा हैं अर्थात गिरे हुए को उठाना, परवश को भी स्वतन्त्र बनाना I

    • G. 

      स्वमानधारी को देह-अभिमान कभी आ नहीं सकता।

  • 3. 
    "कुमार तो डबल निर्बन्धन हैं कोई पूँछ नहीं है। कुमारों का आपस में ग्रुप होना चाहिए I  कभी कोई बीमार पड़े तो एक-दूसरे की मदद कर सेवा करें। अपने हाथ से भोजन बनाना बहुत अच्छा है। अपने लिए और बाप के लिए प्यार से बनाओ। पहले बाप को खिलाओ। अपने को अकेला समझते हो तो थक जाते हो। सदा यह समझो कि हम दो हैं, दूसरे के लिए बनाना है तो विधिपूर्वक प्यार से बनाओ I"  
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 4. 
    कुमारों के विषय पर बापदादा द्वारा कहे महावाक्य चयन करें – 
    • A. 

      कुमार ज्वाला रूप बनकर ज्वाला जगाओ तो जल्दी विनाश हो जायेगा।

    • B. 

      किसी भी बात में क्यों- क्या वह करते हैं जो मास्टर त्रिकालदर्शा नहीं होते ।

    • C. 

      वह करते हैं डिस्ट्रक्शन, और आप करेंगे कनस्ट्रक्शन। आप स्थापना करेंगे तो विनाश आपे ही हो जायेगा।

    • D. 

      कुमार आपस में रीस नहीं लेकिन रेस करो।

    • E. 

      अगर जरा भी कमजोरी के संस्कार होंगे तो माया अपना बना लेगी इसलिए पुराने संस्कारों से मरजीवा बनो ।

    • F. 

      कुमार तो हैं ही सदा आलराउन्ड सेवाधारी - मन्सा-वाचा-कर्मणा सब में सेवाधारी।

  • 5. 
    "न्यारापन अर्थात् ट्रस्टीपन। ट्रस्टी की किसी में अटैचमेंट नहीं होती क्योंकि मेरापन नहीं होता। गृहस्थी समझेंगे तो माया आयेगी। ट्रस्टी समझेंगे तो माया भाग जायेगी। जैसे गन्दगी में कीड़े पैदा होते हैं वैसे ही जब मेरापन आता है तो माया का जन्म होता है। तो मायाजीत बनने का सहज तरीका - सदा ट्रस्टी समझो।" 
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 6. 
    केवल सही वाक्य चयन करें – 
    • A. 

      ब्रह्माकुमार अर्थात् ट्रस्टी। चाहे प्रवृत्ति में हो लेकिन हो ब्रह्माकुमार न कि प्रवृत्ति कुमार।

    • B. 

      ब्रह्माकुमार के बजाए कोई और सम्बन्ध समझा तो माया आयेगी इसलिए अपना अलौकिक स्ररनेम सदा याद रखो।

    • C. 

      जितना ज्ञान की गहराई में जायेंगे उतना अनुभव के रत्न मिलेंगे और आपके अनुभव को देख और भी अनुभवी बन जायेंगे।

    • D. 

      पहली स्टेज है ज्ञान सुनना और सुनाना, दूसरा और लास्ट स्टेज है अनुभवी मूर्त बनना।

    • E. 

      जितना अनुभवी होंगे उतना अविनाशी और निर्विघ्न होंगे। हर गुण में अनुभवी मूर्त बनो।

    • F. 

      अनुभवी को कोई हिलाना भी चाहे तो हिला नहीं सकता। अनुभव का फाउन्डेशन मजबूत होता है ।

    • G. 

      अनुभव के आगे माया की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी। अनुभवी कभी धोखा नहीं खाते।

  • 7. 
    "कोई भी संकल्प या विचार करते हो तो पहले चेक करो कि यह विचार व संकल्प बाप पसन्द है? जो बाप पसन्द है वह लोक पसन्द स्वत:बन जाते हैं। यदि किसी भी संकल्प में स्वार्थ है तो मन पसन्द कहेंगे और विश्व कल्याणार्थ है तो लोकपसन्द व प्रभु पसन्द कहेंगे। लोक पसन्द सभा के मेम्बर बनना अर्थात् ला एण्ड आर्डर का राज्य अधिकार व राज्य सिंहासन प्राप्त कर लेना।"
    • A. 

      True

    • B. 

      False

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