Hindi Murli Quiz 08-03-2015

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Hindi Murli Quiz 08-03-2015

ये क्विज आज की मुरली पर आधारित है| मुरली सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें| पुरानी क्विज  के लिए यहाँ क्लिक करें |


Questions and Answers
  • 1. 
    बाप-दादा दूर देशवासी से, अव्यक्त वतनवासी से, बच्चो के ----------साकार वतन निवासी आकर बने । स्नेह का स्वरूप है -----------बनना । तो बाप- दादा -----------स्वरूप में स्नेह का रिटर्न दे रहे हैं I अब बच्चो को क्या रिटर्न करना है? जब बाप बच्चों के ------------बन सकते हैं तो बच्चो को भी ---------- बनना है । यही स्नेह का रिटर्न है ।[ निम्नलिखित विकल्पों में से सबसे सटीक उत्तर से रिक्त स्थान भरें ]   
    • A. 

      सम्मान

    • B. 

      हितैषी

    • C. 

      साथी

    • D. 

      मित्र

  • 2. 
    अमृतवेले के समय को ' ब्रह्म-मुहूर्त का समय भी कहते हैं । मुरली के अनुसार अमृतवेले के  समय की विशेषताओं का चयन करें --- 
    • A. 

      अमृतवेले के समय तमोगुणी वातावरण या वायब्रेशन का प्रभाव कम होता है ।

    • B. 

      ऐसे समय पर पुकार सुनना भी सहज है, उपकार करना भी सहज है ।

    • C. 

      ऐसे समय पर वरदान लेना भी सहज हैँ और दान देना भी सहज है I

    • D. 

      इस समय वातावरण वृत्ति को बदलने वाला होता है ।

    • E. 

      आपकी स्थिति बाप की वरदानों की छत्रछाया के कारण, बाप के समान सम्पन्न और दातापन की होती है ।

    • F. 

      ब्रह्मलोक के निवासी बाप ज्ञान-सूर्य की लाईट और माइट की किरणें विशेष बच्चों को वरदान रूप में देते है I

    • G. 

      ब्रह्मा बाप भाग्य-विधाता के रूप में भाग्य अर्थात् अमृत बाँटते है । जितना अमृत लेना चाहो वह ले सकते हो I

  • 3. 
    अमृतवेले के समय ही ब्रह्मा बाप भाग्य-विधाता के रूप में भाग्य अर्थात् अमृत बाँटते हैं । जितना भाग्य रूपी अमृत लेना चाहो वह ले सकते हो । लेकिन बुद्धि रूपी कलष अमृत धारण करने के योग्य हो । किसी भी प्रकार का विघ्न या रूकावट न हो । तो ऐसे समय पर लेना और देना साथ-साथ चलता है । वरदानी और महादानी दोनो पार्ट साथ-साथ चलता है । ऐसी स्थिति मे स्थित होने वाली उपकारी आत्माओं को, आत्माओं की पुकार स्पष्ट सुनाई देगी । इतनी स्पष्ट सुनाई देगी जैसे कानो मे कोई बात कह रहा हो ।
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 4. 
    जैसे कल्प पहले के यादगार शास्त्रों में वर्णन है कि स्वय ----------ने द्रोपदी के पांव दबाये, तो ---------- समान उपकारी बच्चे बन सर्व आत्माओ की थकावट मिटाओ । अब बुद्धि रूपी पांव थक गये है, बुद्धि में स्मृति के स्विच को दबाओ । यही बुद्धि रूपी पांव दबाना है ।   
    • A. 

      बाप

    • B. 

      युधिष्टर

    • C. 

      अर्जुन

  • 5. 
    इस वर्ष के लिए बाप दादा ने जो होम वर्क दिया है,उसका चयन करें ---  
    • A. 

      एक सेकेण्ड मे झलक और फरिश्तेपन की फलक दिखाओ ।

    • B. 

      अपना स्वरूप परिवर्तन करके अब समाधान स्वरूप बनो ।

    • C. 

      अब सेवा करने का एवं लेने के साथ-साथ देने का समय है । एक ही सकल्प मे लेना है और देना है ।

    • D. 

      सर्व आत्माओं के गति-सद्गति करने की सीजन आने वाली है । इसलिए सबको एवररेडी बनना है ।

    • E. 

      ज्यादा पुरूषार्थी जीवन मे रहने से भी ऊपर अब हर सेकंड दातापन की स्थिति में रहो ।

    • F. 

      यह प्रैक्टिस करो कि वातावरण मे हलचल हो लेकिन स्मृति और वृत्ति अचल हो । उसमे जरा भी हलचल न हो I

  • 6. 
    वर्तमान समय धार्मिक नेता, राजनेता और सर्वश्रेष्ठ साइन्स वाले और साथ-साथ आम जनता सब  थक गये हैं I सब की एक ही पुकार है कि अब जल्दी मे कुछ बदलना चाहिए । सर्व क्षेत्र की आत्मायें अब अपने को फेल अनुभव करने लगी हैं । अब कोई सुप्रीम पावर चाहिए--इस चाहना का दीपक वा इस आवश्यकता को महसूस करने के सकल्प का दीपक जग चुका है । अब उसको और तेज करने के लिए आप सर्व आत्माओ के संकल्प का घृत चाहिए जिससे सर्व की पुकार के ऊपर उपकार कर सको । 
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 7. 
    आज की मुरली के अनुसार सभी सही वाक्यों को चयन करें--- 
    • A. 

      सदा एक-रस स्थिति मे स्थित रहकर, औरो का भी एक बाप से सम्बन्ध जुडाने मे, सर्व प्राप्ति कराने मे तत्पर रहना है I

    • B. 

      एक बाप दूसरा न कोई, ऐसी स्थिति निरन्तर और नेचुरल बन जाये I स्थिति बनानी न पड़े I

    • C. 

      ऊँची स्टेज की निशानी है कि माया वार करने की बजाए नमस्कार करना शुरू कर देगी I

    • D. 

      अभी ऐसी स्टेज होनी चाहिए कि कैसी भी विकराल रूप से माया आये लेकिन आप उसको खिलौना समझेगे तो वह खेल हो जायेगा ।

    • E. 

      इस संगमयुगी ब्राह्मण जीवन मे रहते हुए वायुमण्डल, वायबेशन, तमोगुणी वृत्तियाँ, माया के वार, इन सबसे मुक्त, इसको कहा जाता है जीवनमुक्त ।

  • 8. 
    बाप समान टीचर्स की निशानियों का चयन करें ------- 
    • A. 

      वह सदा स्वमान मे होंगी, हर कदम स्वमान का होगा I

    • B. 

      देखकर ही सबके मुख से निकलेगा कि यह तो स्वमानधारी बाप- समान है ।

    • C. 

      स्वमान ही उनका सिंहासन होगा । भविष्य सिंहासन के पहले स्वमान के सिंहासन पर सदा कायम रहेंगी I

    • D. 

      सदा सन्तुष्ट रहना सदा सन्तुष्ट करना ।

    • E. 

      सदा विघ्न-विनाशक बन करके अनेको के विघ्न-विनाश करने के निमित्त बनना I

  • 9. 
    आज के वरदान अनुसार अन्तर्मुखी बच्चों की निशानियों का चयन करें ---  
    • A. 

      व्यर्थ सकल्पो के विस्तार को समेट कर सार रूप में स्थित होना I

    • B. 

      मुख के आवाज के व्यर्थ को समेट कर समर्थ अर्थात् सार रूप में ले आना I

    • C. 

      साइलेन्स की शक्ति द्वारा भटकती हुई आत्माओं को सही ठिकाना दिखाना ।

    • D. 

      हर आत्मा के मन का आवाज इतना समीप सुनना जैसे कोई सम्मुख बोल रहा है ।

    • E. 

      देह -अभिमान में भी कभी -कभी आना I

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