Hindi Murli Quiz 07-03-2015

10 | Total Attempts: 162

SettingsSettingsSettings
Please wait...
Hindi Murli Quiz 07-03-2015

ये क्विज आज की मुरली पर आधारित है| मुरली सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें| पुरानी क्विज  के लिए यहाँ क्लिक करें |


Questions and Answers
  • 1. 
    तुम्हारे मे भी बहुत थोड़े हैं जो पूरी रीति समझते है और खुशी में रहते हैं । क्या समझने की बात बाबा कह रह हैं ?  (उत्तर एक या एक से ज्यादा भी हो सकते हैं)
    • A. 

      इस दुनिया में हम बाकी थोड़े रोज हैं ।

    • B. 

      अभी हमको कर्मातीत अवस्था में जाना है ।

    • C. 

      तैयारियाँ ऐसी हो रही हैं, जिससे समझ में आता है लड़ाई शुरू हुई कि हुई ।

    • D. 

      दुनिया नहीं जानती कि यह क्या हो रहा है, क्या होने का है !

    • E. 

      हर एक को अपने लिए पुरूषार्थ करना है ।

  • 2. 
    कोई तो फिर नालायक भी होते हैं, सर्विस के बदले डिससर्विस करते जो   
    • A. 

      विघ्न डालते हैं |

    • B. 

      बाप से उनका बुद्धियोग तुड़ा देते हैं ।

    • C. 

      जो पूरा पढ़ते नहीं हैं और गलत चलन चलते हैं |

  • 3. 
    आधाकल्प तुम रावण राज्य में थे ना । यह भी किसी को पता नही कि राम किसको कहा जाता है?   
    • A. 

      True / ये वाक्य सही है

    • B. 

      False / ये वाक्य गलत है

  • 4. 
    मौज का अनुभव करने के लिए ___ की अधीनता को छोड़ स्वतन्त्र बनो ।  
    • A. 

      माया

    • B. 

      देह - अभिमान

    • C. 

      निराशा

    • D. 

      पुराने संस्कारों

  • 5. 
    आंसू आया - ___ इसलिए बाबा कहते हैं प्रतिज्ञा करो कि हम कभी रोयेगे नहीं ।  
    • A. 

      नापास हुए

    • B. 

      अवस्था खराब हुई

    • C. 

      डिससर्विस हुई

    • D. 

      देह-अभिमान वश

    • E. 

      माया की प्रवेशता हुई

  • 6. 
    बाबा किस - किस बात पर वंडर खाते हैं ?( उत्तर एक से अधिक भी हो सकते हैं )
    • A. 

      राजाई का स्थापना

    • B. 

      याद न कर पाने पर

    • C. 

      आत्मा भी अविनाशी है, पार्ट भी अविनाशी है ।

  • 7. 
    यह हैं बड़ी गुह्य बातें । गीता आदि में थोड़ेही यह बाते हैं । जो खुद मालिक है, वही समझाते हैं । कौन सी बात बाबा समझा रहे हैं ?( उत्तर एक से अधिक भी हो सकते हैं  )
    • A. 

      डबल सिरताज राजाओं के आगे सिंगल ताज वाले राजायें माथा क्यों झुकाते हैं, नमन क्यों करते हैं |

    • B. 

      सोमनाथ का मन्दिर बनाया, अब पूजा तो करते हैं परन्तु बिन्दी की पूजा कैसे करें |

    • C. 

      मैं एक ही बार आता हूँ - यह राजधानी स्थापन करने लिए ।

Back to Top Back to top