Hindi Murli Quiz 05-04-2015

10 | Total Attempts: 151

SettingsSettingsSettings
Please wait...
Hindi Murli Quiz 05-04-2015

ये क्विज आज की मुरली पर आधारित है| मुरली सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें| पुरानी क्विज  के लिए यहाँ क्लिक करें |


Questions and Answers
  • 1. 
    एक सेकेण्ड में संगठित रूप में एक ही वृत्ति द्वारा, वायब्रेशन्स द्वारा वायुमण्डल को परिवर्तन कर सकते हैं। नम्बरवार हर इन्डीविजुवल अपने-अपने पुरूषार्थ प्रमाण और महारथी अपने वायब्रेशन्स द्वारा वायुमण्डल को परिवर्तन करते रहते हैं। लेकिन विश्व-परिवर्तन में सम्पूर्ण कार्य की समाप्ति में सर्व ब्राह्मण आत्माओं की संगठित रूप की एक ही वृत्ति और वायब्रेशन्स चाहिए ।
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 2. 
    सभी सही वाक्यों का चयन करें --- 
    • A. 

      स्थापना के वर्णन का चित्र भी वही है और समाप्ति का भी चित्र वही है।

    • B. 

      जब संगठित रूप में पुराने संस्कार, स्वभाव वा पुरानी चलन के तिल वा जौं स्वाहा करेंगे तब यज्ञ की समाप्ति होगी।

    • C. 

      वास्तव में स्वाहा करने की बजाए संवाद चल पड़ता है,जिसका विषय ‘क्यों’ और ‘कैसे’ होता है।

    • D. 

      अगर किसी के कुछ पुराने संस्कार रह भी गये हैं, वह स्वयं स्वाहा नहीं कर सकते तो संगठित रूप में सहयोगी बनो।

    • E. 

      याद ही साधन है डबल लाइट बनने का। तो सदा अपने को हल्का रख जम्प लो तो बात नीचे रह जायेगी।

  • 3. 
    जब द्वापर के रजोगुणी ऋषि-मुनि भी अपने तत्व योग की शक्ति से अपने आस-पास शान्ति के वायब्रेशन्स फैला सकते थे, हद के जंगल को शान्त करते थे तो आप राजयोगी क्या बेहद के जंगल में शान्ति, शक्ति व आनन्द के वायब्रेशन्स नहीं फैला सकते हो? आप तो सब मास्टर रचयिता हो I हर मास इन्टरनेशनल योग का अभ्यास तो शुरू किया है लेकिन अब यही अभ्यास ज्यादा बढ़ाओ।
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 4. 
    सेन्स और इसेन्स दोनों का बैलेन्स रखो तो हर सेकेण्ड --------होते रहेंगे। संकल्प भी सेवा प्रति ------- , बोल भी विश्व-कल्याण प्रति ---------, हर कर्म भी विश्व परिवर्तन प्रति ---------तो अपनापन अर्थात् पुरानापन ------- हो जायेगा। बाकी रह जायेगा - बाप और सेवा।[एक सबसे सटीक उत्तर से सब रिक्त स्थान भरें ]
    • A. 

      स्वाहा

    • B. 

      अर्पण

    • C. 

      समाप्त

  • 5. 
    यज्ञ में सर्व ब्राह्मणों के संगठित रूप में ‘स्वाहा’ के दृढ़ संकल्प की आहुति पड़े तब यज्ञ समाप्त होना है अर्थात् विश्व-परिवर्तन का कार्य समाप्त होना है। तो पुरूषार्थ एक ही शब्द ‘स्वाहा’ का रहाI   
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 6. 
    सेन्स के साथ इसेन्स भी चाहिए। लेकिन जब सम्पर्क में आते हो, कार्य-व्यवहार में आते हो, कर्म बन्धनी प्रवृत्ति वा शुद्ध प्रवृत्ति में आते हो तो सेन्स की मात्रा ज्यादा होती है इसेन्स की कम। सेन्स अर्थात् ज्ञान की प्वाइंट्स अर्थात् समझ। इसेन्स अर्थात् सर्व शक्ति स्वरूप, स्मृति और समर्थ स्वरूप। सिर्फ सेन्स होने के कारण ज्ञान को विवाद में ला देते हो। यह तो होगा ही, यह तो होना ही चाहिए। 
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 7. 
    मुरली के अनुसार सभी सही वाक्यों का चयन करें --- 
    • A. 

      शक्तियों ने बाप की प्रत्यक्षता का झण्डा लहराया है --तभी तो उनकी पूजा होती है।

    • B. 

      प्रत्यक्षता का झण्डा लहराना अर्थात सभी तक आवाज सुनाई दे।

    • C. 

      शक्तियों का मुख्य गुण है निर्भय,वे माया शेर से भी डरने वाली नहीं।

    • D. 

      मातायें अगर नष्टोमोहा में पास हो गई तो बहुत आगे नम्बर ले सकती हैं।

    • E. 

      बापदादा जानते हैं माताएं बहुत भटकी हैं, बहुत दु:ख देखे हैं अभी बाप माताओं के पांव दबाते हैं अर्थात् सहयोग देते हैं।

    • F. 

      कुमारियाँ हैं ही सदा डबल लाइट, न कर्मों के बन्धन का बोझ और न आत्मा के ऊपर पिछले संस्कारों का बोझ।

  • 8. 
    आज के वरदान और स्लोगन पर आधारित सभी सही वाक्यों का चयन करें --- 
    • A. 

      बापदादा की श्रीमत है बच्चे व्यर्थ बातें न सुनो, न सुनाओ और न सोचो।

    • B. 

      सदा शुभ भावना से सोचो, शुभ बोल बोलो। व्यर्थ को भी शुभ भाव से सुनो।

    • C. 

      शुभ चिंतक बन बोल के भाव को परिवर्तन कर दो। सदा भाव और भावना श्रेष्ठ रखो I

    • D. 

      स्वयं को परिवर्तन करो न कि अन्य के परिवर्तन का सोचो।

    • E. 

      इसमें पहले मैं--इस मरजीवा बनने में ही मजा है। इसी को ही महाबली कहा जाता है।

    • F. 

      संकल्पों की एकाग्रता श्रेष्ठ परिवर्तन में फास्ट गति ले आती है।

Back to Top Back to top