Hindi Murli Quiz 04-06-2015

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Hindi Murli Quiz 04-06-2015

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Questions and Answers
  • 1. 
    Q .कृपया निम्नलिखित दोनों रिक्त स्थान एक ही शब्द से भरें ---- “मीठे बच्चे बाप तुम्हें नई ---------- के लिए राजयोग सिखला रहे हैं I इसलिए इस पुरानी ----------का विनाश भी जरूर होना है I” 
  • 2. 
    Q ."बच्चे कहते हैं बाबा हमने आपको अपना वारिस बनाया है। बाबा को वारिस बनाना भी गुह्य बात है। अपना सब कुछ एक्सचेंज करना-इसमें बुद्धि का काम है।वारिस बनाकर फिर शरीर निर्वाह भी अपना करना है। सिर्फ ट्रस्टी समझ कर रहना है। बाप तो सिर्फ देखते हैं कि कोई पाप कर्म में तो पैसे खराब नहीं करते हैं, मनुष्य को पुण्य आत्मा बनाने में पैसा लगाते हैं, सर्विस भी कायदे अनुसार करते हैं I"
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 3. 
    Q .कृपया निम्नलिखित रिक्त स्थान मुरली के अनुसार ही भरें-----“ब्रह्मा भी धन्धे में ईश्वर अर्थ निकालते थे ना। वह तो था इनडायरेक्ट। अभी बाप ----------आये हैं।" 
  • 4. 
    Q . "बाप तुम बच्चों को कर्मों की गति पर समझाते हैं, रावण राज्य में तुम्हारे सब कर्म विकर्म ही हो जाते हैं।सतयुग और त्रेता में रावण ही नहीं इसलिए वहाँ कोई कर्म विकर्म नहीं होता है।यहाँ जो अच्छे कर्म करते हैं उनका अल्पकाल के लिए सुख मिलता है।फिर भी कोई न कोई रोग खिट पिट तो रहती ही है क्योंकि अल्पकाल का सुख है।" 
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 5. 
    धारणा पर आधारित इस प्रश्न में सही वाक्य ही चुने  --- 
    • A. 

      शिवबाबा को अपना वारिस बनाकर सब कुछ एक्सचेंज नही करना है।

    • B. 

      वारिस बनाकर शरीर निर्वाह भी करना है I

    • C. 

      ट्रस्टी समझकर रहना है।पैसे कोई भी पाप कर्म में नहीं लगाने हैं।

    • D. 

      अन्दर खुशी होती रहे कि स्वयं ज्ञान का सागर बाबा हमको पढ़ा रहे हैं।

    • E. 

      पुण्य आत्मा बनने के लिए याद में रहना है, माया के तूफानों से डरना नहीं है।

  • 6. 
    Q .कृपया निम्नलिखित रिक्त स्थान भरें---" कारण को ----------में परिवर्तन कर अशुभ बात को भी शुभ करके उठाओ।" 
  • 7. 
    Q .वरदान पर आधारित इस प्रश्न में सही वाक्य ही चुनें --   
    • A. 

      जो बाप के गुण गाते हो उन सर्व गुणों के अनुभवी बनो I

    • B. 

      जैसे बाप आनंद का सागर है तो उसी आनंद के सागर की लहरों में लहराते रहो।

    • C. 

      जो भी सम्पर्क में आये उसे आनंद, प्रेम, सुख..सब गुणों की अनुभूति कराओ।

    • D. 

      ड्रामा अनुसार सन्यासी आत्मायें ही परम आत्मा को अपने द्वारा प्रत्यक्ष करेंगी ।

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