Hindi Murli Quiz 01-11-2015

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Hindi Murli Quiz 01-11-2015

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Questions and Answers
  • 1. 
    Q. बापदादा ने विशेष आज के दिन (18 जनवरी ) को विभिन्न नाम दिए हैं, उनको सही-सही चयन करें
    • A. 

      बच्चों के प्रत्यक्षता का दिन,

    • B. 

      समर्थ दिवस,

    • C. 

      विल पावर देने का दिवस,

    • D. 

      विशेष स्नेह का दिन,

    • E. 

      बच्चों के कार्य को तीव्र गति में लाने का दिवस,

    • F. 

      इच्छा अनुसार वरदान प्राप्त करने का श्रेष्ठ दिवस,

    • G. 

      विशेष परिवर्तन का दिन I

  • 2. 
    Q. “जैसे माँ बच्चों के लिए छत्रछाया होती है ऐसे ही अमृतवेले से लेकर ब्रह्मा माँ चारों तरफ के बच्चों की देख-रेख करते रहते हैं। साकार में निमित्त बच्चे हैं लेकिन भाग्य विधाता ब्रह्मा माँ हर बच्चे के भाग्य को देख बच्चों को विशेष शक्ति, हिम्मत, उमंग-उत्साह की पालना करते रहते हैं। शिव बाप तो साथ में है ही लेकिन विशेष ब्रह्मा का पालना का पार्ट है।“
    • A. 

      सही

    • B. 

      गलत

  • 3. 
    Q.“अभी बाप समान बनने का लक्ष्य तो सभी के पास है, अभी साकार में लक्षण दिखाई दें। जो भी संबंध-सम्पर्क में आये, उन्हों को यह लक्षण दिखाई दें I वे अनुभव करें कि इनके नयन, इनके बोल, इन्हों की वृत्ति वा वायब्रेशन न्यारे हैं। जैसे मधुबन में बाप ब्रह्मा की तपस्या, कर्म और त्याग के वायब्रेशन समाये हुए होने के कारण न्यारा संसार अनुभव करते हैं ऐसे ही हर एक बच्चे से बाप समान गुण, कर्म और श्रेष्ठ वृत्ति का वायुमण्डल अनुभव में आये, इसको बापदादा कहते हैं - बाप समान बनना।“
    • A. 

      सही

    • B. 

      गलत

  • 4. 
    Q. “आजकल प्रत्यक्ष प्रमाण को ज्यादा मानते हैं। सुनने से भी ज्यादा देखना चाहते हैं I हरएक बच्चा बाप समान प्रत्यक्ष प्रमाण बन जाए तो मानने और जानने में मेहनत नहीं लगेगी।फिर आपकी प्रजा बहुत जल्दी-जल्दी तैयार हो जायेगी। ---------- तो आप बनने वाले हैं ना!”निम्नलिखित विकल्पों में से एक सबसे उपयुक्त विकल्प से उपरोक्त रिक्त स्थान भरें I  
    • A. 

      राजे-रानी,

    • B. 

      भाग्यशाली,

    • C. 

      रचयिता,

    • D. 

      भाग्यविधाता,

    • E. 

      भगवान-भगवती,

  • 5. 
    Q. सभी सही वाक्य चयन करें ------- 
    • A. 

      स्थापना के आदि में साधन कम नहीं थे,लेकिन 14 वर्ष जो तपस्या की, यह बेहद के वैराग्य वृत्ति का वायुमण्डल था।

    • B. 

      विश्व की आत्माओं के कल्याण के प्रति इस समय बेहद के वैराग्य वृत्ति की आवश्यकता है, क्योंकि चारों ओर इच्छायें बढ़ रही हैं I

    • C. 

      अब आप इच्छाओं के वश परेशान आत्माओं में वैराग्य वृत्ति फैलाओ, अन्यथा आत्मायें सुखी, शान्त बन नहीं सकती।

    • D. 

      अभी साधना का वायुमण्डल चारों ओर बनाओ। समय प्रमाण अभी सच्ची तपस्या वा साधना है ही 'बेहद का वैराग्य'।

    • E. 

      ब्रह्मा बाप की अन्त तक विशेषता देखी- न वैभव में लगाव रहा, न बच्चों में, सबसे वैराग्य वृत्ति।

  • 6. 
    Q. “सेवा से सहयोगी आत्मायें भी बहुत बने हैं, समीप आये हैं, सम्पर्क में आये हैं, अब उन सहयोगी क्वालिटी वाली आत्माओं को और संबंध में लाओ। अनुभव कराओ, जिससे सहयोगी से सहज योगी बन जाएं। इसके लिए एक तो साधना का वायुमण्डल और दूसरा बेहद की वैराग्य वृत्ति का वायुमण्डल हो तो इससे सहज सहयोगी सहज योगी बन जायेंगे। उन्हों की सेवा भले करते रहो लेकिन साथ में साधना, तपस्या का वायुमण्डल आवश्यक है।“
    • A. 

      सही

    • B. 

      गलत

  • 7. 
    Q. बापदादा की शिक्षाओं / वाक्यों का सही-सही चयन करें ------ 
    • A. 

      अभी मन्सा सेवा अर्थात् संकल्प द्वारा सेवा की टाचिंग हो, उसकी आवश्यकता बिल्कुल नहीं है I

    • B. 

      चेक करो कि कोई को दु:ख नहीं दिया, लेकिन सुख का खाता जमा हुआ? नाराज नहीं किया, लेकिन राजी किया?

    • C. 

      बाह्यमुखी बन सूक्ष्म चेकिंग करो कि स्वप्न में भी कोई बंधन न हो, इसको कहा जाता है सर्व बंधनों से मुक्त I

    • D. 

      सभी परमधाम में बाप के साथ बैठ सर्व आत्माओं को रहम की दृष्टि दो। वायब्रेशन फैलाओ।

    • E. 

      बापदादा की याद रुपी छत्रछाया माया वा सर्व विघ्नों से सेफ कर देती है। मुश्किल से मुश्किल बात भी सहज हो जाती है।

    • F. 

      प्रभु प्रिय, लोक प्रिय और स्वयं प्रिय बनने के लिए सन्तुष्टता का गुण धारण करो।

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