Hindi Murli Quiz 01-03-2015

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Hindi Murli Quiz 01-03-2015

ये क्विज आज की मुरली पर आधारित है| मुरली सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें| पुरानी क्विज  के लिए यहाँ क्लिक करें |


Questions and Answers
  • 1. 
    आज की मुरली में बापदादा ने मधुवन भूमि की बहुत प्रशंषा की है I उसमें से मुख्य पॉइंट्स चयन करें ---    
    • A. 

      मधुवन विशेष यादगार भूमि है , जिसकी महिमा आज भी भक्त लोग कर रहे हैं I

    • B. 

      यह महान भूमि वा महान तीर्थ स्थान है ।

    • C. 

      इस भूमि में आने से अनेक आत्माओं का व्यर्थ समाप्त हो जाता है ।

    • D. 

      इस भूमि पर अनेक प्रकार के अनुभवो का खजाना सहज प्राप्त होता है ।

    • E. 

      यहाँ मनचाहा वरदान याद और भूमि के आधार से सहज ही पा सकते हैं ।

    • F. 

      भक्त लोग इस दिव्य भूमि के वा श्रेष्ठ स्थान के दर्शन के लिए अब तक भी तड़पते रहते है ।

    • G. 

      मधुबन स्थूल एवं सूक्ष्म प्राप्तियों का भण्डारा है ।

  • 2. 
    मधुबन निवासियो को जो साधन है, संग है, भूमि के महत्व का सहयोग है, वायुमण्डल का सहज साधन है,क्या उसी प्रमाण ------------------हो?[ निम्नलिखित विकल्पों में एक ही विकल्प मुरली के अनुसार है, उसके द्वारा रिक्त स्थान भरें ]  
    • A. 

      सिद्धि-स्वरूप

    • B. 

      शक्ति-स्वरूप

    • C. 

      तीव्र-पुरुषार्थी

    • D. 

      सर्वप्राप्ति-स्वरूप

    • E. 

      चढ़तीकला के अनुभवी

  • 3. 
    बापदादा ने सेवा में बृद्धि करने के लिए और सबको सन्देश पहुचाने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिये हैं ----         "इस वर्ष सभी वर्ग वालो को सम्पर्क मे लाओ । ऐसे सम्पर्क मे हो जो अपनी अथॉरिटी से इशारा मिलते ही सब कार्य सम्पन्न कर दें । जैसे शुरू मे लक्ष्य रहता था कि हरेक का भाग्य जरूर बनाना है, वैसे अब लक्ष्य हो कि हर वर्ग की आत्माओ को सम्पर्क मे लाकर विशेष सेवा के अर्थ निमित्त बनाकर सहयोग लें । ऐसी विशेष आत्मा निकलें जो एक द्वारा अनेकों को सन्देश प्राप्त हो जाए । विश्व पिता का टाइटिल है तो विश्व मे तो वैरायटी चाहिए ना । नई विश्व की स्थापना के लिए सब प्रकार के बीज चाहिए, तब विश्व कल्याणकारी बन सकेंगे । "
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 4. 
    बाप ने जीवन बनाकर बच्चो को आगे किया I अब तक के रिजल्ट मे आत्माओं ने यह अनुभव किया है कि ब्रह्मा कुमारियां महान आत्मायें हैं, महान जीवन वाली हैं I इसका वे वर्णन भी करते हैं, सुनाने वालो को पहचानते भी हैं I लेकिन उनको बनाने वाला बाप अभी भी गुप्त है और उसको प्रत्यक्ष करना टीचर्स का कर्तव्य है I बाप को प्रत्यक्ष  करना अर्थात् --------------------है I[निम्नलिखित विकल्पों में से मुरली में दिया गया विकल्प चयन कर  रिक्त स्थान भरें ]   
    • A. 

      विजय का झण्डा लहराना

    • B. 

      सम्पूर्ण बनना,

    • C. 

      कर्मातीत बनना

    • D. 

      आज्ञाकारी बनना

  • 5. 
    आज की मुरली में बापदादा ने टीचर्स को सेवा के विषय में निम्नलिखित सुझाव दिये हैं I चेक करके बताएं क्या  यह सत्य है ? "जिस समय स्टेज पर आते हो तो जितना अपने अन्दर बाप का स्नेह इमर्ज होगा उतना स्नेह का बाण औरो को भी स्नेह मे घायल कर देगा । स्टेज पर आने के पहले मनन करके बुद्धि मे पहले से ही टापिक का स्पष्टीकरण कर लेना चाहिए तो टापिक की भी अथॉरिटी होकर बोलेंगे । जब बोलना शुरू करते हो तो एक अन्दर की अथॉरिटी और बोल मे दिल की आवाज से बाप की महिमा हो, जो सबकी बुद्धि को हिलावे और बाप से आत्माओं का सम्बन्ध भी जोड़ते जायें ।"
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 6. 
    बापदादा ने कहा कि सभी टीचर्स विशेष सेवाधारी हैं अर्थात् अपनी वाणी और कर्म द्वारा बाप को प्रत्यक्ष करने वाली हैं । बाप को प्रत्यक्ष करने के लिए टीचर्स को बापदादा द्वारा दी हुई शिक्षा पर आधारित यह एक्सरसाइज बहुत ध्यान से सभी सही पॉइंट्स चयन करके पूरी करें --- 
    • A. 

      शिवरात्रि बाप को प्रत्यक्ष करने का दिन है I जो अन्दर मे समाया हुआ है वह लोगो को प्रत्यक्ष दिखाई दे ।

    • B. 

      सिर्फ भाषण नही लगे, लगन में मगन मूर्त अनुभव हो ।

    • C. 

      लोग कहते हैं लेकिन स्वरूप नही बनते, परन्तु आपका बोल और स्वरूप दोनो साथ-साथ हो ।

    • D. 

      स्पष्ट भी हो, स्नेह भी हो, मधुरता भी हो और महानता भी हो I

    • E. 

      सत्यता भी हो लेकिन स्वरूप की नम्रता भी हो, इसी रूप से बाप को प्रत्यक्ष करना है ।

    • F. 

      निर्भय हो लेकिन बोल मर्यादा के अन्दर हों । दोनों बातों का बैलेन्स हो I

  • 7. 
    ब्रह्म-महूर्त के समय विशेष ब्रह्मलोक निवासी बाप ज्ञान सूर्य की लाईट और माइट की किरणे बच्चों को वरदान रूप में मिलती हैं । साथ-साथ ब्रह्मा बाप भाग्य विधाता के रूप मे भाग्य रूपी अमृत बाटते हैं सिर्फ बुद्धि रूपी कलष अमृत धारण करने योग्य हो । अमृतवेले का वातावरण ही वृति को बदलने वाला होता है इसलिए उस समय वरदान लेते हुए दान दो अर्थात् वरदानी और महादानी बनो ।
    • A. 

      True

    • B. 

      False

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