Hindi Murli Quiz 01-02-2015

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Hindi Murli Quiz 01-02-2015

ये क्विज आज की मुरली पर आधारित है| मुरली सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें| पुरानी क्विज  के लिए यहाँ क्लिक करें |


Questions and Answers
  • 1. 
        "सुनना तो जन्म-जन्मान्तर से करते ही आये लेकिन इस अलौकिक जन्म मे अर्थात् ब्राह्मण जीवन मे विशेषता है ही --------------स्वरूप बनने की ।"[निम्नलिखित शब्दों से एक सही शब्द चयन करके रिक्त स्थान पूरा करें ]
    • A. 

      धारणा

    • B. 

      स्म्रति

    • C. 

      शक्ति

    • D. 

      आनन्द

  • 2. 
    आज बापदादा ने ब्राह्मण बच्चों की तीन स्थितियों—‘त्रिकालदर्शी’, ‘साक्षी दृष्टा’ और ‘दृष्टान्त रूप’ का वर्णन किया है I इन तीनों ही स्थितियों को स्पष्ट करें ----- 
    • A. 

      त्रिकालदर्शी’ अर्थात कर्म करने के पहले कर्म के आदि, मध्य, अन्त को जानना I

    • B. 

      कर्म करते समय ‘साक्षी दृष्टा’ हो पार्ट बजाना ।

    • C. 

      कर्मों की रिजल्ट के रूप में वर्तमान और भविष्य में विश्व के आगे ‘दृष्टान्त रूप’ बनना ।

  • 3. 
    सदा यह तीन बाते याद करो - त्रिकालदर्शी, साक्षी दृष्टा और उसकी रिजल्ट विश्व के आगे दृष्टान्त रूप । इस स्थिति को सदा याद रखो तो सदा बन्धन मुक्त-जीवनमुक्त अवस्था का अनुभव करेंगे । अब सुना तो बहुत, जन्म से ही सुनते आये हो I अब सुनने के बाद है स्वरूप बनना, इसलिए लास्ट स्टेज स्मृति स्वरूप की है । सदा अपने सम्पूर्ण स्वरूप को सामने रखने से माया का सामना करना बहुत सहज होगा 
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 4. 
    अब सुनने के बाद है स्वरूप बनना, इसलिए लास्ट स्टेज स्मृति स्वरूप की है । इसको प्रैक्टिकल मे लाने के लिए  विशेष धारणायें याद रखो –-------------------------। इन विशेष दो धारणाओं से सदा विश्व कल्याणकारी महादानी वरदानी बन जायेगे और सहज ही स्नेह का सबूत दे सकेगे ।[निम्नलिखित उत्तरों में से एक जोड़ा चुनकर रिक्त स्थान भरें  ]
    • A. 

      मधुरता और नम्रता

    • B. 

      कटुता और कठोरता

    • C. 

      सरलता और चन्चलता

  • 5. 
    बापदादा बोले बच्चों को कुछ छोडना भी है । छोडना क्या है? ज्ञानी तू आत्मा होने के कारण भक्ति के संस्कार,  भिखारी बन मांगने का वा सिर्फ बाप की महिमा वा कीर्तन गाने का, मन द्वारा यहॉ वहाँ भटकने का, अपने खजानों को व्यर्थ गँवाने का यह पुराने सस्कार सदा के लिए समाप्त करो अर्थात् पुराने सस्कारो का सस्कार करो । यह है छोड़ना । 
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 6. 
    डबल लाइट अर्थात् बिन्दी स्वरूप आत्मा में भी कोई बोझ नही और जब फरिश्ते बन जाते तो उसमे भी कोई बोझ नहीं । तो या तो अपना बिन्दु रूप याद रहे या कर्म में फरिश्ता स्वरूप - ऐसी स्टेज पर स्थित होने से कितना भी बड़ा कार्य ऐसे अनुभव करेंगे जैसे करन करावनहार करा रहे हैं । ट्रस्टी होकर चलने से बोझ भी नहीं और सफलता भी  ज्यादा । गृहस्थी समझने से मेहनत भी ज्यादा और सफलता भी कम । तो सदा डबल लाइट के स्वरूप की स्म्रति  की समर्थी मे रहो तो कोई भी पहाड़ जैसा कार्य भी राई नहीं लेकिन रूई जैसा हो जायेगा अर्थात् असम्भव  भी सम्भव हो जायेगा । 
    • A. 

      True

    • B. 

      False

  • 7. 
    आज के वरदान में तीन सेवाओं [संकल्प,बोल और कर्म द्वारा] में वैलेन्स रखने से होने वाले लाभों का वर्णन किया गया है I उन सभी लाभों का चयन करें I 
    • A. 

      जो बच्चे संकल्प, बोल और हर कर्म द्वारा सेवा पर तत्पर रहते हैं वही सफलतामूर्त बनते हैं ।

    • B. 

      सारे दिन तीनों सेवाओं मे बैलेन्स है तो पास विद आनर बन जाते हैं ।

    • C. 

      उनके द्वारा सर्व दिव्य गुणों का श्रंगार स्पष्ट दिखाई देता है ।

    • D. 

      बैलेंस रखने से गुणमूर्त बन जाते हैं अर्थात गुणों का सहयोग देते हैं जो सबसे बड़ा दान है ।